धराना
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]धराना क्रि॰ सं॰ [हिं॰ धरना का प्रे॰ रूप] ।
१. पकड़ाना । थमाना ।
२. धारण कराना । पहनाना । उ॰—तब श्री गुसाँई जी ने एक बागा तो श्री नवनीतप्रिय जी कों धरायो ।—दो सौ बावन, भा॰ १, पृ॰ १७२ । संयो॰ क्रि॰—देना ।—लेना ।
३. स्थिर करना । ठहराना । निश्र्चित कराना । मुकर्रर कराना । जैसे, दिन धराना, नाम धराना ।उ॰—(क) राम तिलक हित लगन धराई ।—तुलसी (शब्द॰) । (ख) सुदिन, सुन- खत, सुधरी सोचाई । वेगि वेद विधि लगन धराई ।—तुलसी (शब्द॰) ।