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धराहर

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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धराहर संज्ञा पुं॰ [हिं॰ धुर( = ऊपर) + धर] खंभे के तरह ऊपर बहुत दूर तक गया हुआ मकान का भाग जिसपर चढ़ने के लिये भीतर ही भीतर साढ़ियाँ लगी हों । मीनार । उ॰— देखि धराहर कर उजियारा । छिपि गय चाँद सुरुज औ तारा ।—जायसी (शब्द॰) ।