धर्मकर्म
दिखावट
प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]धर्मकर्म संज्ञा पुं॰ [सं॰]
१. वह कर्म या विधान जिसका करना किसी धर्मग्रंथ में आवश्यक ठहराया गया हो । जैसे, संध्यो- पासन आदि ।
२. विहित या उचित कर्म (को॰) ।
धर्मकर्म संज्ञा पुं॰ [सं॰]
१. वह कर्म या विधान जिसका करना किसी धर्मग्रंथ में आवश्यक ठहराया गया हो । जैसे, संध्यो- पासन आदि ।
२. विहित या उचित कर्म (को॰) ।