धर्मकृच्छ
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]धर्मकृच्छ संज्ञा पुं॰ [सं॰] धर्म के विचार से किसी कार्य को किया जाय या न किया जाय, यह द्धैधीभाव । धर्मपालन के मार्ग में उत्पन्न बाधक स्थिति [को॰] ।
धर्मकृच्छ संज्ञा पुं॰ [सं॰] धर्म के विचार से किसी कार्य को किया जाय या न किया जाय, यह द्धैधीभाव । धर्मपालन के मार्ग में उत्पन्न बाधक स्थिति [को॰] ।