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धर्मदान

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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धर्मदान संज्ञा पुं॰ [सं॰] वह जो किसी निमित्त से या विशेष फल को प्राप्ति (जैसे, ग्रहों की शांति आदि) के अर्थ न किया जाय, केवल धर्म या सात्विक बुद्दि की प्रेरणा से किया जाय ।