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धर्मरक्षित

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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धर्मरक्षित संज्ञा पुं॰ [सं॰] योग (यवन) देशीय एत बौद्ब धर्मों- पदेशक या स्थविर जिसे महाराज अशोक ने अपरातक (बिलूचिस्तान) देश में उपदेश देने के लिये भेजा था ।