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धर्मसेन

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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धर्मसेन संज्ञा पुं॰ [सं॰]

१. एक प्राचीन महास्थिविर या बौद्ध महात्मा जो ऋषिपत्तन (सारनाथ, काशी) संघ के प्रधान थे । विशेष— अनुराधापुर (सिंहलद्वीप) के राजा दुःखगामिनी ने जब महास्तूप की स्थापना की थी (ई॰ पू॰ १५७) तब ये बारह हजार अनुचरों के साथ उपस्थि हुए थे ।

२. जैनों के द्वादश अंगविदों में से एक ।