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धर्मान्तर

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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धर्मांतर संज्ञा पुं॰ [सं॰ धर्म + अन्तर]

भिन्न धर्म।

  1. किसी अन्य या भिन्न धर्म।
  2. एक धर्म से अलग धार्मिक परंपरा या मत।
  • इस क्षेत्र में विभिन्न धर्मांतर समुदायों के लोग रहते हैं।
  • धर्मांतर विवाह में दोनों पक्षों के धर्म अलग-अलग होते हैं।

व्युत्पत्ति

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संस्कृत धर्म + अन्तर से बना समासिक शब्द।

सम्बन्धित शब्द

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यह शब्द मुख्यतः धर्म, समाज तथा इतिहास के संदर्भ में भिन्न धर्म या दूसरे धर्म के लिए प्रयुक्त होता है।