सामग्री पर जाएँ

धर्मारण्य

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

[सम्पादित करें]

शब्दसागर

[सम्पादित करें]

धर्मारण्य संज्ञा पुं॰ [सं॰]

१. तपोवन ।

२. एक तीर्थ जिसके विषय में वराहपुराण में यह कथा लिखी है कि जब चंद्रमा ने गुरुपत्नी तारा का हरण किया तब धर्म व्याकुल होकर एक सधन वन में घुस गया । उस वन का नाम ब्रह्मा ने धर्मारण्य रखा ।

३. गया के अंतर्गत एक तीर्थस्थान ।

४. कूर्मविभाग के मध्य भाग में एक देश (बृहत्संहिता) ।