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धर्मासन

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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धर्मासन संज्ञा पुं॰ [सं॰] वह आसन या चौकी जिसपर बैठकर न्यायधीश न्याय करता है । उ॰— हे प्रतिहारी, तू हमारा नाम लेकर पिशुन मंत्री से कह दे कि बहुतद जागने से हममें धर्मामन पर बैठने की सामर्थ नहीं रही इसलिये जो कुछ काम काज प्रजासंबंधी हो, लिखकर हमारे पास यहीं भेज दे ।—लक्ष्मण सिंह (शब्द॰) ।