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धर्मास्तिकाय

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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धर्मास्तिकाय संज्ञा पुं॰ [सं॰] जैन शास्त्रानुसार छह द्रव्यों में से एक जो एक अरूपी पदार्थ है और जीव और पुदगख की गति का आधार या सहायक होता है ।