सामग्री पर जाएँ

धर्मोपदेश

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

[सम्पादित करें]

शब्दसागर

[सम्पादित करें]

धर्मोपदेश संज्ञा पुं॰ [सं॰]

१. धर्म की शीक्षा । वह कथन या व्याख्यान जो धर्म का तत्व समझाने या धर्म की ओर प्रवृत्त करने के लिये हो ।

२. धर्म की व्यवस्था । धर्माशास्त्र ।