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धवरहर

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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धवरहर संज्ञा पुं॰ [सं॰ धवल + गृह] खंभे की तरह ऊपर दूर तक गया हुआ मकान का एक भाग जिसपर चढ़ने के लिये भीतर सीढ़ियाँ बनी हों । धरहरा । मीनार । उ॰— चढ़ि धवरहर विलोकि दखिन दिसि बूझ धौं पथिक कहाँ ते आए वे हैं ।— तुलसी (शब्द॰) ।