धसना
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]धसना पु ^१ क्रि॰ अ॰ [सं॰ ध्वंसन] ध्वस्त होना । नष्ट होना । मिटना । उ॰— निज आतम अज्ञान ते हैं प्रतीत जग खेद । धसै सुता के बोध ते यह भाखत मुमि वेद ।—निश्चल (शब्द॰) ।
धसना ^२ क्रि॰ अ॰ [हिं॰ धँसना] दे॰ 'धँसना' । उ॰— उनके मग में जग जय मसका । उनके डग से कुल क्षय धसका ।— अर्चना, पृ॰ ४७ ।