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धावनि

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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धावनि पु † ^१ संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ धावन( = गमन)]

१. जल्दी जल्दी चलने की क्रिया या भाव । दौड़ । उ॰—वा पट पीत की फहरान । कर धरि चक्र चरन की धावनि नहिं बिसरति वह बान ।— सूर (शब्द॰) ।

२. धावा । चढ़ाई । उ॰— सिंधु पार परे सब आनंद सो भरे कपि गाजै शंख बाजे शंख बाजे अब लंका पर धावनि ।—हनुमान (शब्द॰) ।

धावनि ^२ संज्ञा स्त्री॰ [सं॰] पिठवन । पृश्निपर्णी लता ।