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धिरग

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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धिरग पु अव्य [हिं॰] दे॰ 'धिक्' । उ॰— धन छोटा पन सुख महा धिरग बड़ाई ख्वार ।—सहजो॰, पृ॰ ३९ ।