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धीँग

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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धीँग ^१ संज्ञा पुं॰ [सं॰ डिङ्गर( = शठ) या दृढांग] हट्टा कट्टा मनुष्य । उ॰— धींगरी धींग चाचरि करै मोहि बुलावत साखि ।— सूर (शब्द॰) ।

धीँग ^२ वि॰

१. मजबूत । जोरावर ।

२. शरीर । बदमाश । उपद्रवी ।

३. कुमार्गी । पापी । बुरा । उ॰— अपनायो तुलसी सो धींग धमधूसरो ।— तुलसी (शब्द॰) ।