धुनकी
प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]धुनकी संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ धुनस्]
१. धुनियों का वह धनुस के आकार का औजार जिससे वे रुई धुनते हैं । पिंजा । फटका । /?/ विशेष— इसमें (दे॰ चित्र) क क हलकी पर मजबूत लकड़ी का एक डंडा होता है और इसके सिरे पर काठ का एक और टुकड़ा ख होता है । इस सिरे से क क लकड़ी के दूसरे सिरे तक तक ताँत ग ग खूब कसकर बँधी होती है । धुननेवाला क क डंडे को बाँए हाथ में पकड़कर उकड़ूँ बैठ जाता है और ताँत को रुई के ढेर पर रखकर उसपर बार बार प्रायः हाथ भर लंबी लकड़ी के एक दस्ते से, जिसके दोनों सिरे अधिक मोटे और लट्टूदार होते हैं और जिसे मुठिया, बेलन या हत्या कहते हैं, आघात करता है जिससे रुई के रेशे अलग अलग हो लाते और बिनौले निकल जाते हैं । कभी कभी अधिक सुबीते के लिये क क डंडे को ऊपर छत में लटकते हुए किसी छोटे धनुष से भी बाँध देते हैं ।
२. छोटा धनुस् जो प्रायः लड़कों के खेलने अथवा कभी कभी थोड़ी बहुत रुई धुनने के भी काम में आता ।