धुलेँडी
दिखावट
प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]धुलेँडी संज्ञा स्त्री॰ [हिं॰ धूल + उड़ाना या धूल + हाड्डी]
१. हिंदुओं का एक त्योहार जो होली जलने के दूसरे दिन चैत बदी १ को होता है । इस दिन प्रातःकाल लोग होली की राख मस्तक पर लगाते और दूसरों पर अबीर गुलाल आदि सूखे चूर्ण डालते हैं । उ॰—फिर तो घुलेंड़ी मच जाती है । कीचड़, गोबर राख कुछ नहीं बचने पाता ।—शुक्ल अभि॰ ग्रं॰, पृ॰ १४० ।
२. उक्त त्योहार का दिन ।