सामग्री पर जाएँ

धौँसा

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

[सम्पादित करें]

शब्दसागर

[सम्पादित करें]

धौँसा संज्ञा पुं॰ [हिं॰ धौंसना]

१. बड़ा नगारा । डंका । उ॰— (क) दादुर दमामें झाँझ झिली गरजनि धौंसा दामिनि मसालै देखि दुरै जगजीव से ।—देव (शब्द॰) । (ख) जरासंध सब असुर सेना ले धौंसा दे चला ।—लल्लु (शब्द) । (ग) धुंकार धौंसन की बढ़ी हुंकार भूमिपतीन की ।—गोपाल (शब्द॰) । (घ) धौंसा लगे घहरान संख लगे हहरान छत्र लागे थहरान केतु लगे फहरान ।—गोपाल (शब्द॰) । क्रि॰ प्र॰—बजवाना ।—बजाना । मुहा॰—धौसा देना या बजाना=चढ़ाई का डंका बजाना । चढ़ाई की घोषणा करना । उ॰—जरासंध सब असुर सेना ले धौसा दे चला ।—लल्लू (शब्द॰) ।

२. सामर्थ्य । शक्ति । इख्तियार । बूता । उ॰—उसका क्या धौंसा है जो इतना खर्च उठावे ।