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धौराहर

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शब्दसागर

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धौराहर संज्ञा पुं॰ [हिं॰ धर ( = ऊपर) + घर] ऊँची अटारी । भवन का वह भाग जो खँभे की तरह बहुत ऊँचा गया हो और जिसपर चढ़ने के लिये भीतर सीढ़ियाँ बनी हों । धरहरा । बुर्ज । उ॰—(क) पदमावति धौराहर चढ़ी ।—जायसी (शव्द॰) । (ख) राम जपु राम जपु राम जपु बावरे । घोर भव नीर निधि नाम निज नाव रे ।... जग नभ वाटिका रही है फलि फूलि रे । धुआँ कैसौ धौराहर देखि तू न भूलि रे ।— तुलसी (शब्द॰) । (ग) बौरे मन रहन अटल करि जाना । धन दारा सुत बंधु कुटुँब कुल निरखि निरखि बौराना । जीवन जन्म सपनों सो समुझि देखि अल्पमन माहीं । बादर छाहँ धूम धौराहर जैसे थिर न रहाहीं ।—सूर (शव्द॰) ।