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नखरा

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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नखरा संज्ञा पुं॰ [फा॰ नखरहू]

१. वह चुलबुलापन, चेष्टा या चंचलता आदि जो जवानी की उमंग में अथवा प्रिय को रिझाने के लिये की जाती है । चोचला । नाज । हाव भाव । जैसे,—उसे बहुत नखर आता है । यौ॰—नखरातिल्ला । नखरेबाज । क्रि॰ प्र॰—करना ।—दिखाना ।—निकालना । मुहा॰—नखरा बघारना=नखरा करना ।

२. साधारण चंचलता या चुलबलापन । बनाबटी चेष्टा ।

३. बनाबटी इनकार । जैसे,—(क) जब कहीं चलने का काम होता है तब तुम एक न एक नखरा निकाल बैठते हो । (ख) ये सब इनके नखरे हैं, ये करेंगे वही जो तुम कहोगे ।