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नजरबंद

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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नजरबंद ^१ वि॰ [अ॰ नजर + फा॰ बंद] जो किसी ऐसे स्थान पर कड़ी निगरानी मे रखा जाय जहाँ से वह कहीं आ जा न सके । जिसे नजरबंदी की सजा दी जाय । उ॰—भूले लोभी नैन सों छबि रस आए चाख । दृग तारे देकै इन्हें नजरबंद कर राख ।—रसनिधि (शब्द॰) । क्रि॰ प्र॰—करना ।—होना ।

नजरबंद ^२ संज्ञा पुं॰ जादू या इंद्रजाल आदि का वह खेल जिसके विषय में लोगों का यह विश्वास रहता है कि वह लोगों की नजर बाँधकर किया जाता है । लोगों की दृष्टि में भ्रम उत्पन्न करके किया जानेवाला खेल । जैसे, वह मदारी नजरबंद के बहुत अच्छे अच्छे खेल करता है ।