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नयना

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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नयना ^१ संज्ञा स्त्री॰ [सं॰] कनीनिका । आँख की पुतली [को॰] ।

नयना पु † ^२ क्रि॰ अ॰ [सं॰ नमन]

१. नम्र होना ।

२. झुकना । लटकना । उ॰—नए जु फल फुलनि के भार । लगि लगि रही धरनि द्रुम-डार ।—नद॰ ग्रं॰, पृ॰ २७६ ।

३. नमस्कार करना ।

नयना ^२ † संज्ञा पुं॰ [सं॰ नयन] आँख । नेत्र । चक्षु ।