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नहीँ

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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नहीँ ^१ अव्य॰ [सं॰ नहिं॰] एक अव्यय जिसका व्यवहार निषेध या अस्वीकृति प्रकट करने के लिये होता है । जैसे,—(क) उन्होंने हमारी बात नहीं मानी । (ख) प्रश्न—आप वहाँ जायँगे ? उत्तर—नहीं । मुहा॰—नहीं तो = उस दशा में जब कि वह बात न हो । इसके न होने की दशा में । जैसे,—आप सबेरे ही मेंरे पास पहुँच जाइएगा, नहीं तो मैं भी न जाऊँगा । नहीं सही = यदि यह बात न हो तो कोई चिंता नहीं । यदि ऐसा न हो तो कोई परवा या हानि नहीं । जैसे,—(क) अगर वे नहीं आते हैं तो नहीं सही । (ख) यदि आप न पढ़ें तो नहीं सही ।

नहीँ पु ^२ संज्ञा स्त्री॰ [हिं॰ नह] नख । नाखून । उ॰—तुम रँगभीने सुनत ही गई मेरै पाय की नहीं । सुनिहौ कुँवर और काहि लगाऊँ आधि रैनि गई, इहाँ हम तुम ही ।—नंद॰ ग्रं॰, पृ॰ ३५३ ।