नाखना
दिखावट
प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]नाखना पु † ^१ क्रि॰ स॰ [सं॰ नष्ट]
१. नाश करना । नष्ट कर देना । बिगाड देना । उ॰— (क) जे नखचंद्र भजन खल नाखत रमा हृदय जेहि परसत । — सूर (शब्द॰) । (ख) जो हरिचरित ध्यान उर राखै । आनंद सदा दुरित दुख नाखै ।—सूर (शब्द॰) ।
२. फेंकना । गिराना । डालना । उ॰— जो उर झारन ही झरसी मृदु मालती माल वहै मग नाखै ।— (शब्द॰) ।
नाखना ^२ क्रि॰ स॰ [हिं॰ नाकना] । उल्लंघन करना । उ॰— (क) नील नल अंगद सहित जामवंत हनुमंत से अनंत जि न नीरनिधि नारुयोई । — केशव (शब्द॰) । (ख) पाछे ते सीय हरी विधि मर्याद राखी । जो पै दसकंध बली रेखा क्यों न नाखी । — सूर (शब्द॰) ।