नागपाश
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]नागपाश संज्ञा पुं॰ [सं॰]
१. वरुण के एक अस्त्र का नाम जिससे शत्रुओं को बाँध लेते थे ।
२. शत्रु को बाँधने के लिये एक प्रकार का बंधन या फंदा । विशेष— वाल्मीकि रामायण में मेघनाद का इंद्र से इस अस्त्र को प्राप्त करना लिखा है । पुराणों में भी इसका उल्लेख है । तंत्र में लिखा है कि ढाई फेरे के बंधन को नागपाश कहते हैं ।
३. नागों का पाश या बंधन (को॰) ।