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नाटं

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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नाटं ^१ संज्ञा पुं॰ [सं॰ नाय]

१. नृत्य । नाच ।

२. नकल । स्वाँग । उ॰— पंथी इतनी कहियो बात । तुम बिनु यहाँ कुँवर वर मेरे होत जिते उत्पात ।....गोपी गाइ सकल लघु दीरध पीत बरन कृस गात । परम अनाथ देखियत तुम बिनु केहि अबलंबिए प्रात । कान्ह कान्ह कै टेरत तब धौं अब कैसे जिय मानत । यह व्यौहार आजु लौं हे ब्रज कपट नाट छल ठानत । — सूर (शब्द॰) ।

३. एक देश का नाम । विशेष— यह देश कर्नाक के पास था ।

४. नाट देशवासी पुरुष ।

५. एक राग का नाम । विशेष— इसे कोई मेघ राग का और कोई दीपक राग का पुत्र मानते हैं । इस राग मे वीर रस गाया जाता है ।