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नाटय

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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नाटय संज्ञा पुं॰ [सं॰]

१. नटों का काम । नृत्य गीत और वाद्य । पर्या॰—तौर्यत्रिक ।

२. स्वाँग के द्वारा चरित्रप्रदर्शन । अभिनय । यौ॰—नाट्यमंदिर । नाट्यकार । नाट्यशाला । नाट्यरासक । नाट्यशास्त्र ।

३. नकल । स्वाँग । चेष्टा के द्वारा प्रदर्शन । क्रि॰ प्र॰—करना ।

४. वह नक्षत्र जिनमें नाट्य का आरंभ किया जाता है । विशेष—अनुराधा, धनिष्ठा, पुष्य, हस्त चित्रा, स्वाती, ज्येष्ठा , शतभिषा और रेवती इन नक्षत्रों में नाटक आरंभ करना चाहिए ।

५. अभिनेता का परिधान या वेशभूषा (को॰) ।

६. अभिनेता (को॰) ।