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नाटयाङ्ग

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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नाटयांग संज्ञा पुं॰ [सं॰ नाटयाङ्ग] नाटय के दस अंग जिसके अंतर्गत गेयपद, स्थितपाठ्य, आसीन, पुष्पगंडिका, प्रच्छेदक, त्रिगूढक, सैंधव, द्विगूढक, उत्तमोत्तमक, उक्तप्रयुक्त का समावेश है [को॰] ।