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नाणा

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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नाणा पु † संज्ञा पुं॰ [सं॰ नाणक]

१. रुपया पैसा । धन दौलत । उ॰— नरहर समरता जह वीते नाणों, लवसूँ तिको न लेवै ।— रघु॰ रु॰, पृ॰ २७ ।

२. खरीज । खुदरा । छोटे सिक्के जिनसे बडे़ सिक्कों को भुनाया जाता है ।