नानकार
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]नानकार संज्ञा पुं॰ [फा॰] एक प्रकार की माफी जिसके अनुसार जमींदार को कुछ जमीन की मालगुजारी नहीं देनी पड़ती । विशेष—इस प्रकार की माफी अवध के नवाबों के समय से चली आ रही है । नानकार दो तरह का होता है—नानकार देही और नानकार इस्मी । यदि किसी गाँव में कुच जमीन की या किसी तअल्लुके में कुछ गाँवों की मालगुजारी माफ है और वह माफी उस गाँव या तअल्लुके के साथ लगी हुई है तो वह नानकार देही कहलाती है । इस प्रकार की माफी में गाँव के हर एक हिस्सेदार का हक होता है । यदि माफी किसी खास आदमी के नाम से होती है तो उसे 'नानकार इस्मी' कहते हैं । इसमें हिस्सेदारों का हक नहीं होता पर व्यवहार में यह बहुत कम माना जाता है ।