नान्दीमुखी
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]नांदीमुखी संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ नान्दीमुखी] एक वर्णवृत्त जिसके प्रत्येक चरण में दो नगण, दो तगण और दो गुरु होते हैं । जैसे,—नित गहि दुइ पादै गुरू केर जाई । दशरथ सुत चारी लहे भोद पाई । हिय मँह धरि कै ध्यान श्रृंगी ऋषि को । मुदित मन कियो श्राद्ध नांदीमुखी को ।