नान्हा
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]नान्हा पु † वि॰ [सं॰ न्यञ्च ( = नाटा, छोटा) या सं॰ न्युन] [वि॰ स्त्री॰ नान्ही]
१. छोटा । लघु । नन्हा । उ॰—सर्बस मैं पहले ही दीनो नान्ही नान्ही दँतुली दु पर ।—सुर (शब्द॰) ।
२. पतला । बारीक । महीन । उ॰—मन मनसा की मारि के नान्हा करिके पीस । तब सुख पावै सुंदरी पदम झलक्कै सीस ।—कबीर (शब्द॰) ।
३. नीच । क्षुद्र । उ॰—खेलत खात रहे ब्रज भीतर । नान्हे लोग तनक धन ईतर ।—सुर (शब्द॰) ।
नान्हा ^२ संज्ञा पुं॰ छोटा बच्चा । लड़का । यौ॰—नान्हा बारा = छोटा बालक । उ॰—काली जी की छोहरी सेई नान्ही बारि ।—देवस्वामी (शब्द॰) ।