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नारना

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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नारना क्रि॰ स॰ [सं॰ ज्ञान, प्रा॰ णाण + हिं॰ना] थाह लगाना । पता लगाना । भाँपना । ताड़ना । उ॰—राधा मन में यहै विचारति ।...मोहू ते ये चतुर कहावति ये मन ही मन मोको नारति । ऐसे बचन कहूँगी इन पै चतुराई इनकी मैं झारति ।—सूर॰, १० । १७७१ ।