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नाराचघृत

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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नाराचघृत संज्ञा पुं॰ [सं॰] वैद्यक में एक घृत जो घी में चीते की जड़, त्रिफला, भटकैया, बायबिडंग, आदि पकाकर बनाया जाता है और उदररोग में दिया जाता है ।