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नारायणतैल

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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नारायणतैल संज्ञा पुं॰ [सं॰] आयुर्वेद में एक प्रसिद्ध तैल । विशेष—तिल के तेल में असगंध, भटकटैया, बेल की जड़ की छाल, देवदार, जटामासी इत्यादि बहुत सी दवाएँ पकाकर इस तेल कौ तैयार करते हैं ।