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नाहरी

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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नाहरी संज्ञा स्त्री॰ [हिं॰ नाहर] सिंहिनी । शेरनी । उ॰— नारि कहों की नाहरी, नख सिख से यह खाय । जल बूड़ा तो ऊघरै भग बूड़ा तो जाय ।—संतवणी॰ पृ॰ ५८ ।