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निगद

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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निगद संज्ञा पुं॰ [सं॰]

१. भाषण । कथन ।

२. ऊँचे स्वर से किया हुआ जप ।

३. मंत्र जो ऊंचे स्वर से जपा जाय (को॰) ।

४. बिना अर्थ जाने रटना (को॰) ।