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निगालिका

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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निगालिका संज्ञा स्त्री॰ [सं॰] आठ अक्षरों की एक वर्णवृत्ति जिसके प्रत्येक चरण में जगण, रगण् और लघु गुरु होते है । इसे 'प्रमाणिका' और 'नागास्वरूपिणी' भी कहते हैं । जैसे,— प्रभात भो, सुहात भो । हली छली, जगे बली । तिहों घरी उठ हरी । न देर हु कछू करी ।