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निचुड़ना

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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निचुड़ना क्रि अ॰ [सं॰ उप॰ नि + च्यवन (= चूना)]

१. रस से भरी या गीली चीज का इस प्रकार दबना कि रस या पानी टपककर निकल जाय । दबकर पानी या रस छोड़ना । गरना । जैसे,— धोती निचुड़ना । नीबू, निचुड़ना । संयो॰ क्रि॰— जाना ।

२. भरे या समाए हुए जल आदि का दाब पाकर अलग होना या टपकना । छूटकर चूना । गरना । जैसे, गीली धोती का पानी निचुड़ना, नीबू, का रस निचुड़ना । उ॰— कहे देत रँग रात को रँग निचुरत से नैन ।—बिहारी (शब्द॰) । संयो॰ क्रि॰— जाना ।

३. रस या सारहीन होना ।

४. शरीर का रस या सार निकल जाने से दुबला होना । तेज और शक्ति से रहित होना । संयो॰ क्रि॰—उठना ।— जाना ।