नित्यसमास
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]नित्यसमास संज्ञा पुं॰ [सं॰] अनिवार्य समास । वह समास जिसे तोड़ देने पर उसके अंशों से अभीष्ट अर्थ की निष्पत्ति न हो, जैसे, जयद्रथ, पावक [को॰] ।
नित्यसमास संज्ञा पुं॰ [सं॰] अनिवार्य समास । वह समास जिसे तोड़ देने पर उसके अंशों से अभीष्ट अर्थ की निष्पत्ति न हो, जैसे, जयद्रथ, पावक [को॰] ।