नित्यार
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]नित्यार पु अव्य॰ [सं॰ नित्य + हिं॰ आर (प्रत्य॰)] नित्य । निरंतर । सर्वदा । उ॰— लोला ललित मुरार की सुक मुनि कही अपार । ते बड़भागी देव नर जपत रहत नित्यार ।—पृ॰ रा॰, २ ।५६१ ।