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निदरना

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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निदरना पु क्रि॰ सं॰ [सं॰ निरादर]

१. निरादर करना । अपमान करना । अप्रतिष्टा काना । बेइज्जती करना । उ॰— मोर प्रभाव विदित नहीं तोरे । बोलसि निदरि विप्र के भोरे ।—तुलसी (शब्द॰) ।

२. तिरस्कार करना । त्याग करना ।

३. मात करना । बढ़ जाना । बढ़कर निकलना । तुच्छ ठहरना । उ॰— (क) नाना जाति न जाहिं बखाने । निदरि पवनु जनु चहत उड़ाने ।—तुलसी (शब्द॰) । (ख) एक एक जीतहिं संसारा । उनहि निदरि पावत को पारा । —सबल (शब्द॰) ।