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निरबंध

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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निरबंध पु ^१ संज्ञा पुं॰ [सं॰ निर + बन्ध] ईश्वर या परमात्मा (जो बंधनहीन है) । उ॰—बंधे को बंधा मिलै, छूटै कौन उपाय । कर सेवा निरबंध की, पल में लैत छुड़ाय ।—कबीर सा॰ सं॰, पृ॰ १४ ।

निरबंध पु ^२ वि॰ उन्मुक्त । स्वतंत्र । बंधनहीन । उ॰—आतमा कहत गुरु शुद्ध निरबंध नित्य, सत्य करि मानै सु तौ शब्द हूँ प्रमाण है ।—सुंदर॰ ग्रं॰, भा॰ २, पृ॰ ६२५ ।