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निराजी

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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निराजी संज्ञा स्त्री॰ [देश॰] जुलाहों के करघे की वह लकड़ी जो हत्थे और तरौछी को मिलाने के लिये दोनों के सिरों पर लगी रहती है ।