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निर्ग्रंथक

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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निर्ग्रंथक ^१ वि॰ [सं॰ निग्रंन्थक]

१. एकाकी । अलग ।

२. फल— हीन ।— निष्फल ।

३. चतुर । कुशल ।

५. त्याग या छोड़ा हुआ । त्यक्त ।

निर्ग्रंथक ^२ संज्ञा पुं॰

१. बौद्ब क्षपणक ।

२. दिगंबर जैन ।

३. जुआड़ी [को॰] ।