निर्मली
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]निर्मली संज्ञा पुं॰ [सं॰ निर्मल]
१. एक प्रकार का मझोला सदाबहार वृक्ष जो बंगाल, मध्यभारत, दक्षिण भारत और बरमा में पाया जाता है । कतक । पाय पसारी । चाकसू । विशेष—इसकी लकडी़ बहुत चिकनी, कडी़ और मजबूत होती है, और इमारत, खेती के औजार और गाड़ियाँ आदि बनाने के काम में आती है । चीरने के समय इसकी लकडी़ का रंग अंदर से सफेद निकलता है परंतु हवा लगते ही कुछ भूरा या काला हो जाता है । इस वृक्ष के फल का गूदा खाया जाता है और इसके पके हुए बीजों का, जी कुचले की तरह के परंतु उससे बहुत छोटे होते हैं, आँखों, पेट तथा मूत्रयंत्र के अनेक रोगों में व्यवहार होता है । गँदले पानी को साफ करने के लिये भी ये बीज उसमें धिसकर डाल दिए जाते हैं जिससे पानी में मिली हुई मिट्टी जल्दी बैठ जाती है ।
२. रीठे का वृक्ष या फल ।