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निर्माल्य

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शब्दसागर

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निर्माल्य संज्ञा पुं॰ [सं॰] वह पदार्थ जो किसी देवता पर चढ़ चुका हो । देवता पर चढ़ चुकी हुई चीज । देवापिंत वस्तु । विशेष—(क) जो पुष्प, फल और मिष्ठान्न आदि किसी देवता पर चढा़ए जाते हैं वे विसर्जन से पहले 'नैवद्य' और विसर्जन के उपरांत 'निर्माल्य' कहलाते हैं । (ख) शिव के अतिररिक्त और सब देवताओं के निर्माल्य पुष्प और मिष्टान्न आदि ग्रहण किए जाते हैं ।