निर्विषी
दिखावट
प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]निर्विषी संज्ञा स्त्री॰ [सं॰] असवर्ग की जाति की एक धास । जदवार । विशेष—यह पश्चिमोत्तर हिमालय, काश्मीर और मलयागिरि मे ं अधिकता से होती है । इसकी जड़ अतीस के समान होती है जिसका व्यवहार साँप बिच्छू आदि के विषों के अतिरिक्त शरीर के और भी अनेक प्रकार के विषों का नाश करने के लिये होता है । वैद्यक के अनुसार यह जड़ कटु, शीतल, व्रण को भरनेवाली और कफ, वात, रुधिरविकार, विष को नष्ट करनेवाली मान जाती है । पर्या॰—निर्विषा । अवविषा । विविषा । विषहा । विषहंत्री । विषाभावा । अविषा । विषवैरिणी ।